| हिन्दी कार्यशाला |
संस्थान में प्रत्येक तिमाही में हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया जाता है जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं और विजेताओं को निदेशक महोदय द्वारा नगद पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र से सम्मानित किया जाता है। |
| राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकें |
प्रत्येक तिमाही में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकों का आयोजन किया जाता है जिसकी अध्यक्षता संस्थान के निदेशक करते हैं। इन बैठको में संस्थान में राजभाषा की प्रगति हेतु चर्चा के साथ साथ राजभाषा के सही कार्यान्वयन की समीक्षा की जाती है। |
| हिन्दी पखवाड़ा |
प्रत्येक वर्ष सितम्बर माह में हिन्दी पखवाड़ा मनाया जाता है जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ- साथ कर्मचारियों को हिन्दी संबंधी कार्य करने के तरीके जैसे नोटिंग, पत्रादि के बारे में जानकारी दी जाती है तथा समापन समारोह के दिन किसी विशेष वक्ता को आमंत्रित भी किया जाता है। |
| संस्थान की वार्षिक राजभाषा पत्रिका ‘नाईपर दर्पण’ |
संस्थान की वार्षिक राजभाषा गृह पत्रिका ‘नाईपर दर्पण’ सन 2006 से नियमित रूप से प्रतिवर्ष हिन्दी कक्ष द्वारा प्रकाशित की जाती है। पत्रिका के प्रकाशन का मुख्य उद्देश्य संस्थान के कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों की लेखन प्रतिभा तथा अभिरुचि को एक मंच उपलब्ध कराना, राजभाषा नियम का पालन तथा संस्थान की विभिन्न गतिविधियों को अवगत कराना है। इस पत्रिका के माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों की जानकारी भी प्रस्तुत की जाती है। |
| हिन्दी टंकण एवं हिन्दी प्रबोध का प्रशिक्षण |
संस्थान से नियमित रूप से कर्मचारियों को हिन्दी टंकण एवं हिन्दी प्रबोध प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। ज्ञातब्य हो कि संस्थान के तीन कर्मचारियों को अखिल भारतीय स्तर पर हिन्दी टंकण की परीक्षा शत प्रतिशत अंकों में उत्तीर्ण करने पर प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है। |
| राजभाषा की धारा 3(3) का अनुपालन |
मंत्रालय के सतत् मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संस्थान में राजभाषा की धारा 3(3) का अनुपालन भी किया जाता है। इसके अलावा हिन्दी पत्राचार भी शत् प्रतिशत रहे, इसका भी पूरा ध्यान रखा जाता है। |
| नाईपर को राजभाषा पुरस्कार |
- 05 अप्रैल 2008 को कुमरकम, जिला कोट्टयम, केरल में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार की हिन्दी सलाहकार समिति की आयोजित बैठक में हिन्दी में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नाईपर को ‘‘राजभाषा पुरस्कार’’ प्रदान किया गया। माननीय श्री राम विलास पासवान, अध्यक्ष, हिन्दी सलाहकार समिति, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा केन्द्रीय रसायन और उर्वरक एवं इस्पात मंत्री ने यह पुरस्कार बैठक में नाईपर का प्रतिनिधित्व कर रहे तत्कालीन कुलसचिव श्री सुब्रतो सरकार को प्रदान किया।
- 10 अप्रैल 2008 को आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), चण्डीगढ़ के वार्षिक कार्यक्रम में संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. पी. रामाराव तथा प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) श्री संतोष सोहगौरा को हिन्दी केा बढ़ावा देने के लिये ‘‘राजभाषा पुरस्कार’’ प्रदान किया गया।
- नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), चण्डीगढ़ द्वारा नाईपर, एस.ए.एस. नगर को वर्ष 2008-09 के दौरान उत्कृष्ट राजभाषा कार्यान्वयन के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। संस्थान को यह पुरस्कार चण्डीगढ़, पंचकूला तथा मोहाली के 97 सदस्य कार्यालयों के राजभाषा कार्य के मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है। नराकास, चण्डीगढ़ द्वारा 18.2.2010 को स्थानीय टैगोर थियेटर में आयोजित राजभाषा वार्षिक एवं पुरस्कार वितरण समारोह में नाईपर का प्रतिनिधित्व कर रहे कार्यवाहक कुलसचिव श्री भूपिन्दर सिंह को उक्त पुरस्कार श्री पी.के. चोपड़ा, मुख्य आयकर आयुक्त एवं अध्यक्ष, नराकास, चण्डीगढ़ द्वारा प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त श्री पी.के. चोपड़ा ने श्री संतोष सोहगौरा, प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) को राजभाषा के सराहनीय कार्य के लिये प्रथम पुरस्कार प्रदान किया।
- नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), चण्डीगढ़ द्वारा राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर), एस.ए.एस. नगर को वर्ष 2010-11 के दौराभाषा कार्यान्वयन के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। संस्थान को यह पुरस्कार चण्डीगढ , पंचकूला तथा मोहाली के सदस्य कार्यालयों के राजभाषा कार्य के मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है। नराकास, चण्डीगढ द्वारा 02.2.2012 को स्थानीय टैगोर थियेटर में आयोजित राजभाषा वार्षिक एवं पुरस्कार वितरण समारोह में नाईपर का प्रतिनिधित्व कर रहे उप कुलसचिव श्री राजेश मौज़ा को उक्त पुरस्कार श्री जसपाल सिंह, मुखय आयकर आयुक्त एवं अध्यक्ष, नराकास, चण्डीगढ द्वारा प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त श्री जसपाल सिंह ने डॉ. सविता सिंह, कार्यकारी राजभाषा अधिकारी तथा श्रीमती प्रौमिला ठाकुर, कनिष्ठ हिन्दी अनुवादक को भी राजभाषा के सराहनीय कार्य के लिये प्रथम पुरस्कार प्रदान किया।
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| संस्थान की राजभाषा पत्रिका 'नाईपर दर्पण' को पुरस्कार |
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), चण्डीगढ़ द्वारा 02.2.2012 को टैगोर थियेटर में आयोजित राजभाषा वार्षिक एवं पुरस्कार वितरण समारोह में संस्थान की वार्षिक राजभाषा पत्रिका 'नाईपर दर्पण' को भी वर्ष 2010-11 के लिये बड़ी पत्रिकाओं की श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। यह पुरस्कार संस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे उप कुलसचिव श्री राजेश मौज़ा को श्री जसपाल सिंह, मुखय आयकर आयुक्त एवं अध्यक्ष, नराकास, चण्डीगढ द्वारा प्रदान किया गया। |
| दिनांक |
नाम एवं पदनाम |
व्याख्यान का विषय |
| 25-11-2009 |
श्रीमती नीरू, हिन्दी अधिकारी, सी.एस.आई.ओ., सैक्टर- 30, चण्डीगढ़ |
नारी सशक्तिकरण। |
| 17-12-2009 |
श्री माधव कौशिक, साहित्यकार एवं राजभाषा अधिकारी, महालेखाकार, पंजाब |
हिन्दी का प्रचार-प्रसार। |
| 18-02-2010 |
श्री नंद किशोर, परामर्शदाता (हिन्दी), औषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली |
राजभाषा का सरकारी कामकाज में प्रयोग। |
| 12-02-2010 |
श्री राजिंदर सिंह ‘बेवली’, वरिष्ठ प्रबंधक, पंजाब एण्ड सिंध बैक, सैक्टर- 17, चण्डीगढ़ |
राजभाषा: मानव संसाधन एवं वाक-कला का महत्व। |
| 23-06-2010 |
डॉ. राम मिलन ब्यास, उप निदेशक, हिन्दी शिक्षण योजना, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली |
सरकारी कामकाज और राजभाषा। |